ग्रंथसार
क्या कर्म की अग्नि में तपकर ही ज्ञान का दीपक प्रज्वलित होता है? आइए, इस रहस्यों से भरे प्रश्न का उत्तर सूतजी की वाणी से जानें।
शान्तिपर्व · अध्याय 29
कर्म और ज्ञान का द्वैत