ग्रंथसार
सत्य का ज्ञान वह पावन दीप है, जो जीवन के घने अंधियारे को मिटाकर हमें असीमता का बोध कराता है।
शान्तिपर्व · अध्याय 298
सत्य ज्ञान का फल