ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की रक्त-रंजित धरा के उपरांत, धर्मराज युधिष्ठिर की जिज्ञासा और पितामह भीष्म का ज्ञान-सागर आज भी हमारे मार्ग को आलोकित करता है।
शान्तिपर्व · अध्याय 3
युधिष्ठिर के प्रश्न