ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस महान संवाद की गूँज आज भी शासन के धर्म को समझने का मार्ग प्रशस्त करती है।
शान्तिपर्व · अध्याय 300
शासन का शाश्वत धर्म