ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के शर-शय्या पर लेटे पितामह भीष्म और धर्मराज युधिष्ठिर के उस दुर्लभ संवाद में छिपे हैं शासन के वे रहस्य, जो आज भी मानवता को दिशा दिखाते हैं।
शान्तिपर्व · अध्याय 312
राजधर्म का पारमार्थिक उद्देश्य