ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के रणक्षेत्र से हस्तिनापुर के सिंहासन तक की यात्रा केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि आत्मा के रूपांतरण की एक गहन कथा है।
शान्तिपर्व · अध्याय 332
मोक्ष का अंतिम मार्ग