ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि एक सम्राट के लिए सबसे कठिन युद्ध अपनी सीमाओं पर नहीं, बल्कि अपने ही मन के भीतर लड़ा जाता है?
शान्तिपर्व · अध्याय 37
काम और लोभ का विनाश