ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के रणक्षेत्र में जब शस्त्र शांत हुए, तब शय्या पर लेटे महामहिम भीष्म पितामह ने ज्ञान का जो दीप जलाया, उसकी आभा आज भी मानवता को आलोकित कर रही है।
शान्तिपर्व · अध्याय 4
ज्ञान का पथ