ग्रंथसार
क्या इंद्रियों के कोलाहल को शांत कर आत्म-नियंत्रण के शिखर तक पहुँचा जा सकता है?
शान्तिपर्व · अध्याय 43
आत्म-नियंत्रण का मार्ग