ग्रंथसार
क्या दंड का अर्थ केवल कठोरता है, या यह समाज को स्थिरता देने वाली एक अनिवार्य मर्यादा है?
शान्तिपर्व · अध्याय 49
दंड और सामाजिक व्यवस्था