ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि एक राज्य की वास्तविक समृद्धि केवल उसके स्वर्ण-भंडार में नहीं, बल्कि उसके शासन की नीति और प्रजा के संतोष में छिपी होती है?
शान्तिपर्व · अध्याय 52
समृद्धि का मूल आधार