ग्रंथसार
क्या आप जानते हैं कि एक दंड ही वह आधार है जो समाज को पशुवत अराजकता से बचाकर धर्म की मर्यादा में बाँधता है?
शान्तिपर्व · अध्याय 53
दंड की उत्पत्ति