ग्रंथसार
आलस्य का अंधकार जब राज्य के दीपक को बुझाने लगे, तब भीष्म पितामह का मार्गदर्शन ही एक मात्र प्रकाश-पुंज है।
शान्तिपर्व · अध्याय 65
अकर्मण्यता का भय