ग्रंथसार
एक कुशल प्रशासक का व्यक्तित्व केवल उसके स्वयं के ज्ञान से नहीं, बल्कि उसके द्वारा चुनी गई शासन-धुरी पर निर्भर करता है।
शान्तिपर्व · अध्याय 66
राज-कर्मचारियों का चयन