ग्रंथसार
नयी पीढ़ी के लिए राजकाज का मर्म समझना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि शासन के स्तंभ जब स्वयं डगमगाते हैं, तब धर्म की नींव हिलने लगती है।
शान्तिपर्व · अध्याय 79
राजकीय अधिकारियों का आचरण