ग्रंथसार
एक राज्य का रथ केवल राजा के संकल्प से नहीं, अपितु नीतिज्ञ मंत्रियों के सहयोग से ही धर्म के मार्ग पर गतिमान रह पाता है।
शान्तिपर्व · अध्याय 90
मंत्रियों के गुण और चयन