ग्रंथसार
क्या आपको ज्ञात है कि युद्ध की विभीषिका के बाद धर्मराज युधिष्ठिर के हृदय में उपजे उस गहन विषाद को शांत करने के लिए पितामह भीष्म ने कैसा दिव्य मार्ग दिखाया था?
शान्तिपर्व · अध्याय 93
समस्त दुखों का मूल