ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की रक्त-रंजित भूमि पर जब शस्त्र शांत हुए, तब धर्म के मार्ग पर चलने वालों ने किस प्रकार करुणा के आंसुओं से विदा ली, यही आज की कथा का सार है।
स्त्रीपर्व · अध्याय 18
अंतिम संस्कार की तैयारी