ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की धूल जब शांत हुई, तो उस रणभूमि ने राख के ढेर में लिपटी एक पूरी सभ्यता की करुण गाथा को अपनी गोद में समेट लिया।
स्त्रीपर्व · अध्याय 24
अग्नि संस्कार की व्यवस्था