ग्रंथसार
उपप्लव्य की वह सभा केवल एक नगर में हुआ सम्मेलन नहीं, अपितु धर्म और अधर्म के मध्य खिंची हुई वह अंतिम रेखा थी, जहाँ से इतिहास की दिशा बदलने वाली थी।
उद्योगपर्व · अध्याय 1
उपप्लव्य में सभा