ग्रंथसार
नयी सुबह की किरणों के साथ, सूतजी के आश्रम में इतिहास की वह गूँज फिर सुनाई दे रही थी, जिसने धर्म की परिभाषा ही बदल दी थी।
उद्योगपर्व · अध्याय 11
श्रीकृष्ण का पांडवों को संदेश