ग्रंथसार
अहंकार की वे बेड़ियाँ जो मनुष्य को विनाश के मुहाने पर खड़ा कर देती हैं, आज उसी कुरुक्षेत्र की महागाथा पर चर्चा होगी।
उद्योगपर्व · अध्याय 113
दुर्योधन का मिथ्या अहंकार