ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस महासंग्राम की आहट मात्र से आज भी हृदय में एक सिहरन दौड़ जाती है, जहाँ धर्म और अधर्म का निर्णय रक्त की अंतिम बूंद से होना था।
उद्योगपर्व · अध्याय 118
सेनाओं का विभाजन और व्यवस्था