ग्रंथसार
नर्मदा तट के इस शांत आश्रम में आज इतिहास की एक ऐसी घड़ी का स्मरण करेंगे, जहाँ शांति का द्वार बंद हुआ और धर्मयुद्ध का शंखनाद हुआ।
उद्योगपर्व · अध्याय 134
युधिष्ठिर को श्रीकृष्ण का संदेश