ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस भीषण रण में खड़ा अर्जुन जब अपनों को देखकर कांप उठा, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उसे जिस सत्य का बोध कराया, वही आज भी मानव-जीवन का सबसे बड़ा मार्गदर्शक है।
उद्योगपर्व · अध्याय 146
अर्जुन का मोह और विषाद