ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस महान संवाद की गूंज आज भी आत्मा के अंधकार को मिटाने में समर्थ है, आइए उसी दिव्य संदेश को गुरु-शिष्य की परिपाटी में स्मरण करें।
उद्योगपर्व · अध्याय 147
श्रीकृष्ण का दैवीय उपदेश