ग्रंथसार
रणभूमि कुरुक्षेत्र की धूल में केवल योद्धाओं के रक्त की गंध ही नहीं, अपितु अहंकार के पतन की आहट भी छिपी थी।
उद्योगपर्व · अध्याय 153
भीष्म द्वारा योद्धाओं का मूल्यांकन