ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस विशाल रणक्षेत्र में जब सेनाओं का जमावड़ा हुआ, तब हस्तिनापुर के शिविरों के भीतर अहंकार और ग्लानि का कैसा द्वंद्व चल रहा था, आइए आज हम इसे गुरु-शिष्य की इस संवाद-कथा से समझते हैं।
उद्योगपर्व · अध्याय 162
कौरवों की प्रतिक्रिया