ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की धूल में दबे इतिहास के उन क्षणों को सुनिए, जब धर्म और अधर्म के बीच नियति का महामौन टूट रहा था।
उद्योगपर्व · अध्याय 185
कुरुक्षेत्र में आगमन