ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की उस धूल भरी रणभूमि में जब एक महान धनुर्धर का गांडीव कांपने लगा, तब मानवता के इतिहास का सबसे बड़ा संवाद प्रारंभ हुआ।
उद्योगपर्व · अध्याय 190
अर्जुन का विषाद और मोह