ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र की रणभूमि से उठती शस्त्रों की वह गूँज आज भी काल के गर्भ में अनुगूँज बनकर सुनाई देती है।
उद्योगपर्व · अध्याय 192
महायुद्ध का आरम्भ