ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस महासंग्राम में जब रक्त की नदियाँ बहने को थीं, तब संपूर्ण आर्यावर्त एक अभूतपूर्व विखंडन से गुजर रहा था।
उद्योगपर्व · अध्याय 24
विभक्त होता हुआ संसार