ग्रंथसार
सूतजी की अमृतमयी वाणी से हस्तिनापुर के राजमहल में रचे गए उस षड्यंत्र का रहस्योद्घाटन हो रहा था, जिसने कुरुक्षेत्र के महासंग्राम को अपरिहार्य बना दिया।
उद्योगपर्व · अध्याय 28
कर्ण का परामर्श