ग्रंथसार
युद्ध की विभीषिका के बीच भी धर्म का मार्ग कैसे प्रशस्त होता है, आइए इस कथा में जानते हैं।
उद्योगपर्व · अध्याय 46
पांडवों की युद्ध तैयारी