ग्रंथसार
क्या धर्म की रक्षा हेतु किए गए अंतिम प्रयास का ठुकराया जाना ही विनाश की नींव बना?
उद्योगपर्व · अध्याय 55
कौरव सभा में शांति प्रस्ताव