ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस महान रणक्षेत्र में जहाँ इतिहास का पहिया पलटने वाला था, वहाँ केवल अस्त्र-शस्त्र ही नहीं, अपितु मानवीय संवेदनाओं का भी महासंग्राम चल रहा था।
उद्योगपर्व · अध्याय 71
सैन्य तैयारियां