ग्रंथसार
नमिषारण्य की शीतल छाया में बैठकर जब सूतजी ने श्री केशव की शांति-यात्रा का वृत्तांत सुनाना आरंभ किया, तो मानो समय की धारा थम सी गई।
उद्योगपर्व · अध्याय 81
उपप्लव्य में श्रीकृष्ण का आगमन