ग्रंथसार
कुरुक्षेत्र के उस महान महासमर की आहट मात्र से आज भी हृदय में एक विचित्र रोमांच का अनुभव होता है, देवरात।
उद्योगपर्व · अध्याय 85
सैन्य-संभार