ग्रंथसार
नयिमम के चक्र को भेदकर जब भगवान श्रीकृष्ण ने हस्तिनापुर की ओर कदम बढ़ाए, तो उस प्रस्थान में केवल एक दूत की यात्रा नहीं, बल्कि काल की नियति का महाप्रलय छिपा था।
उद्योगपर्व · अध्याय 89
श्रीकृष्ण का प्रस्थान