ग्रंथसार
द्यूतक्रीड़ा में सब कुछ खोकर जब पाण्डव वन की ओर चले, तब हस्तिनापुर की प्रजा रोती हुई उनके पीछे उमड़ पड़ी।
वनपर्व · अध्याय 1
नागरिकों का पाण्डवों के पीछे वन गमन