ग्रंथसार
श्री हनुमान जी की विदाई के उपरांत भीमसेन कुबेर के उस दिव्य सरोवर पर पहुंचे जहां सौगंधिक कमल खिले थे।
वनपर्व · अध्याय 150
सौगंधिक सरोवर की प्राप्ति