ग्रंथसार
एक दुष्ट राक्षस ने ब्राह्मण का वेष धरकर पाण्डवों के अस्त्र-शस्त्र और द्रौपदी को हरने का षड्यन्त्र रचा।
वनपर्व · अध्याय 156
जटासुर का छल और पाण्डवों का अपहरण-प्रयास