ग्रंथसार
गन्धमादन की सुरम्य वादियों में विचरते हुए पाण्डव धर्मनिष्ठ राजर्षि वृषपर्वा के पावन आश्रम में पहुँचे।
वनपर्व · अध्याय 157
राजर्षि वृषपर्वा के आश्रम में आगमन