ग्रंथसार
द्रौपदी की पुनः अनिन्द्य पुष्पों की चाह देखकर भीमसेन अपने अस्त्र-शस्त्र लेकर दुर्गम शिखरों की ओर बढ़ चले।
वनपर्व · अध्याय 160
भीमसेन का कुबेर के सरोवर की ओर प्रस्थान