ग्रंथसार
जब असीम बलशाली भीमसेन तनिक भी हिल न सके, तब उन्हें उस अजगर के दिव्य और दैवी प्रभाव का बोध हुआ।
वनपर्व · अध्याय 178
अजगर और भीम का संवाद तथा नहुष का परिचय