ग्रंथसार
अपशकुनों से व्याकुल धर्मराज युधिष्ठिर भीम के पदचिह्नों का पीछा करते हुए उस घोर संकट-स्थल पर जा पहुँचे।
वनपर्व · अध्याय 179
युधिष्ठिर की खोज और सर्प से भेंट