ग्रंथसार
भूमि जोतने पर भी सूक्ष्म जीवों की हिंसा होती है, अतः केवल बाह्य कर्म नहीं, अंतःकरण की शुद्धि ही अहिंसा है।
वनपर्व · अध्याय 203
अहिंसा और सदाचार का गूढ़ रहस्य