ग्रंथसार
सृष्टि के आरंभ में विभिन्न प्रकार की पावन अग्नियों और आंगिरस कुल की उत्पत्ति का रहस्य महर्षि मार्कण्डेय ने धर्मराज युधिष्ठिर को सुनाया।
वनपर्व · अध्याय 217
अग्नि-वंश तथा बृहस्पति का प्राकट्य