ग्रंथसार
इन्द्र के वज्र-प्रहार से भी बालक स्कन्द का विनाश न हुआ, प्रत्युत उसकी कोख से एक दूसरा महाबली प्रकट हो गया।
वनपर्व · अध्याय 226
देवताओं से युद्ध और विशाख की उत्पत्ति