ग्रंथसार
इन्द्र ने अपना पद अर्पित करना चाहा, किन्तु स्कन्द ने देवसेना का सेनापतित्व स्वीकार कर देवसेना से विवाह किया।
वनपर्व · अध्याय 227
देवसेनापति पद पर स्कन्द का अभिषेक